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राजस्थान में मानसून की रफ्तार धीमी, पूर्वी और दक्षिणी जिलों में बारिश का अलर्ट जारी

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राजस्थान में मानसून की रफ्तार कुछ जगहों पर धीमी पड़ने लगी है, जिससे लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। हालांकि, राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला फिलहाल जारी है। बुधवार को जयपुर, जोधपुर और भरतपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई, और यह प्रवृत्ति आगामी दिनों में भी जारी रहने की संभावना है।

मौसम केंद्र जयपुर ने 28 अगस्त को प्रदेश के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। जबकि दक्षिणी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने दक्षिणी राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सिरोही, जालौर और प्रतापगढ़ जिलों में अलर्ट जारी किया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता इस बार असामान्य रूप से दक्षिण से उत्तर की ओर बढ़ रही है। इसके कारण दक्षिणी जिलों में तेज बारिश, तूफानी हवाएँ और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।

बुधवार को राजधानी जयपुर में अचानक आई तेज बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि, कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित हुआ। जोधपुर और भरतपुर में भी बारिश के कारण सड़कें पानी से भर गईं और लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ा।

मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दो-तीन दिनों में दक्षिणी राजस्थान में तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी। बारिश के दौरान सड़क हादसों और जलभराव के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने उच्च सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

कृषि क्षेत्र में भी किसानों की चिंता बढ़ गई है। खरीफ फसल के लिए बारिश आवश्यक है, लेकिन तेज और अनियंत्रित बारिश से फसल को नुकसान होने की संभावना है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी पर ध्यान दें और कमजोर फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

सड़क परिवहन विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बारिश के दौरान गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें। पुलों और नालों के पास धीमी गति से चलाएँ और रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचें।

जनता में मानसून की इस सक्रियता को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया है। एक ओर बारिश ने गर्मी और धूल से राहत दिलाई है, वहीं तेज बारिश और तूफानी हवाओं के कारण कई क्षेत्रों में समस्याएँ भी उत्पन्न हुई हैं। लोग प्रशासन और मौसम विभाग से आग्रह कर रहे हैं कि समय पर सतर्कता और बचाव के उपाय अपनाए जाएँ।

राजस्थानवासियों के लिए यह समय सतर्कता का है। मानसून की सक्रियता से जीवन और कृषि दोनों प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना और आवश्यक सावधानियाँ बरतना जरूरी है।

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